मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। ईंधन की कीमतों में तेजी के बीच देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। कंपनी ने यह अतिरिक्त शुल्क 14 मार्च 2026 से लागू कर दिया है, जिसके बाद हवाई यात्रा पहले की तुलना में महंगी हो जाएगी।
इंडिगो ने अपने बयान में कहा है कि मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों में बदलती परिस्थितियों के कारण एविएशन फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से एयरलाइन को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लागू करना पड़ रहा है। यह शुल्क 14 मार्च 2026 या उसके बाद की गई नई टिकट बुकिंग पर लागू होगा।
एयरलाइन के अनुसार भारत के भीतर यात्रा करने वाली सभी घरेलू उड़ानों के लिए 425 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। वहीं भारतीय उपमहाद्वीप के देशों जैसे बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जाने वाली उड़ानों पर भी 425 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
इसके अलावा मिडिल ईस्ट जाने वाली उड़ानों के लिए 900 रुपये का फ्यूल चार्ज तय किया गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के लिए यह शुल्क 1,800 रुपये रखा गया है। अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ रूट्स पर भी यात्रियों को 1,800 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं यूरोप जाने वाली उड़ानों पर 2,300 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा।
इस फैसले के बाद इन सभी रूट्स पर टिकट की कीमतें बढ़ जाएंगी, जिससे यात्रियों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
इससे पहले देश की दूसरी बड़ी एयरलाइन एयर इंडिया भी टिकट पर फ्यूल सरचार्ज लागू करने की घोषणा कर चुकी है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 12 मार्च से घरेलू उड़ानों के टिकट पर 399 रुपये का अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाने का फैसला किया था।
एयर इंडिया ने बताया था कि यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। पहले चरण में घरेलू उड़ानों और SAARC देशों के लिए अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है। दूसरे चरण की शुरुआत 18 मार्च से होगी, जिसमें यूरोप, उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। तीसरे चरण में हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की उड़ानों पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाने की योजना है।



