हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह तेज हो गई है। बेहद मामूली अंतर से मिली जीत के बावजूद पार्टी अब क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त होने के मुद्दे पर घिरती नजर आ रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन नौ विधायकों के नाम कांग्रेस हाईकमान को सौंप दिए हैं, जिन पर क्रॉस वोटिंग या वोट निरस्त कराने के आरोप हैं।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस हाईकमान इन विधायकों से एक-एक कर जवाब मांगेगा और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पार्टी में अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपनाने के लिए राहुल गांधी पहले भी जाने जाते रहे हैं, ऐसे में इन विधायकों के खिलाफ सख्त कदम उठने की संभावना बढ़ गई है।

बता दें, इस विवाद के बीच हरियाणा कांग्रेस को बड़ा झटका तब लगा जब कार्यकारी प्रधान रामकिशन गुर्जर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। रामकिशन गुर्जर, नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी के पति हैं और शैली चौधरी का नाम भी क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में सामने आ रहा है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि चार विधायकों के वोट निरस्त हुए हैं। अगर भाजपा की रणनीति पूरी तरह सफल हो जाती तो यह आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता था।

क्रॉस वोटिंग के आरोपों में शैली चौधरी के अलावा रेणुबाला, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद इलियास और जरनैल सिंह के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि जिन विधायकों के वोट निरस्त हुए हैं, उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व को इसकी पूरी जानकारी दे दी गई है।

बता दें, इस मामले में रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले किसी भी विधायक को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ संकेत दिए कि ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि जिन विधायकों पर कार्रवाई हो सकती है, वे पहले से ही उपचुनाव के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं और भाजपा में शामिल होने का विकल्प खुला रखे हुए हैं।

दिलचस्प की बात यह भी है कि रामकिशन गुर्जर और शैली चौधरी के परिवार का रिश्ता भाजपा नेता कृष्णपाल गुर्जर के परिवार से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर राजनीतिक रणनीति की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की है। आने वाले दिनों में हाईकमान का फैसला यह तय करेगा कि पार्टी बागी विधायकों के खिलाफ कितना सख्त रुख अपनाती है।

2027 चुनाव को लेकर सपा नेता Ram Gopal Yadav का बड़ा दावा, कह दी ये बड़ी बात

शेयर करना
Exit mobile version