Haryana: कैथल के कांग्रेस MLA आदित्य सुरजेवाला ने बुधवार को हरियाणा की BJP सरकार पर 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद 12 लाख से ज्यादा BPL/AAY राशन कार्ड कैंसिल करने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने इस कदम को गरीबों को धोखा देने के रूप में पेश किया और कहा कि इससे लाखों गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है।

बता दें, सुरजेवाला ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में BJP पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले लाखों लाभार्थियों को जोड़ा और बाद में उन्हें सिस्टम से बाहर कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य में 10 महीनों में गरीबी 24 प्रतिशत घट गई है, या फिर गरीब परिवारों को सिस्टम से बाहर कर दिया गया है।

वहीं, सुरजेवाला ने विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक डेटा का हवाला देते हुए बताया कि जनवरी 2024 में हरियाणा में BPL/AAY राशन कार्ड की कुल संख्या 44,99,450 थी, जो दिसंबर 2024 तक बढ़कर 51,86,161 हो गई और मार्च 2025 में 52,50,740 के पीक पर पहुंच गई। हालांकि, जनवरी 2026 तक यह संख्या घटकर 39,88,155 हो गई, यानी 12,62,585 कार्ड कम हो गए, जो लगभग 24 प्रतिशत है।

सुरजेवाला ने कहा कि अकेले अप्रैल 2025 में 3,35,095 कार्ड कैंसिल किए गए, जबकि मई और अगस्त 2025 के बीच 7,89,826 कार्ड खत्म किए गए। उन्होंने इन आंकड़ों को “चौंकाने वाला” बताया और आरोप लगाया कि इससे SC, ST, BC समुदायों, मजदूरों, विधवाओं और अनाथों सहित लाखों गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ा है।

सुरजेवाला ने परिवार पहचान पत्र (PPP) सिस्टम की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि महंगी गाड़ियों या ज़मीन के मालिकाना हक जैसी गलत डेटा एंट्री की वजह से असली लाभार्थियों को गलत तरीके से टैग किया गया। उन्होंने इसे “गरीबों को बाहर करने का टूल” बताया और कहा कि PPP के जरिए किसी की भी असली एलिजिबिलिटी को सुनिश्चित किया जाना चाहिए था, न कि उन्हें बाहर किया जाना।

सुरजेवाला ने जिलेवार आंकड़े भी पेश किए और बताया कि सबसे ज्यादा कार्ड कैंसलेशन फरीदाबाद (1,26,564), गुरुग्राम (88,772), हिसार (77,350), सिरसा (70,420), करनाल (70,260), कुरुक्षेत्र (52,379), कैथल (51,716) और रोहतक (50,075) में हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी जिला इससे अछूता नहीं रहा।

वहीं, उन्होंने सरकार से अप्रैल 2025 की कटौती पर एक डिटेल्ड व्हाइट पेपर, जिलेवार डेटा और PPP-PDS इंटीग्रेशन का स्वतंत्र ऑडिट मांगा। इसके साथ ही, उन परिवारों का सोशियो-इकोनॉमिक रिव्यू करने की भी मांग की जिनके राशन कार्ड कैंसिल किए गए थे।

सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर डेमोक्रेटिक प्रोटेस्ट को दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को चंडीगढ़ में एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने से रोका गया या हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार “शांतिपूर्ण मार्च से क्यों डरती है” और कहा कि प्रोटेस्ट करने का अधिकार संविधान में गारंटीकृत है।

BJP सरकार ने अभी तक सुरजेवाला द्वारा विधानसभा में लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया है।

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