कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने हाल ही में भारतीय मेहनत वाले शो को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि भारत में अंतरराष्ट्रीय मेहनत वाले समारोहों की तरह रोस्ट-स्टाइल होस्टिंग क्यों नहीं हो पाता।
वीर दास ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में “स्टार ईगो” और पावर बैलेंस की वजह से ऐसे फॉर्मेट को लागू करना काफी मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई सालों तक भारतीय मेहनत वाले शो के लिए स्क्रिप्ट लिखी है और उसी अनुभव के आधार पर यह बात कही है।
उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल मेहनत वाले शो में रिकी गेरवाइस या कोनन ओ’ब्रायन जैसे कॉमेडियन का काम होता है कि वे हल्के-फुल्के अंदाज में सेलिब्रिटीज का रोस्ट करें। इससे बड़े सितारे भी एक रात के लिए आम इंसान की तरह नजर आते हैं और शो ज्यादा एंटरटेनिंग बनता है।
लेकिन भारत में स्थिति अलग है। वीर दास के अनुसार यहां बड़े सितारे अपने स्तर से नीचे के किसी व्यक्ति से मजाक या रोस्ट स्वीकार नहीं करते। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में पावर डायमेंशन्स बहुत मायने रखते हैं और यही कारण है कि ऐसे जोक्स स्टेज पर सहज नहीं लगते।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बड़ा स्टार खुद होस्ट करता है तो वह हॉल में बैठे लोगों के लिए तो काम कर सकता है, लेकिन दर्शकों के लिए उतना मजेदार नहीं होता। इस वजह से यह है कि पावर बैलेंस सही नहीं है, जिससे हास्य का असर कम हो जाता है।
वर्क फ्रंट की बात करें तो वीर दास हाल ही में फिल्म ‘हैप्पी पटेल’ में नजर आए थे। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने डायरेक्शन में भी डेब्यू किया। यह फिल्म आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के तहत बनी थी और 16 जनवरी 2026 को सिनेमा में रिलीज हुई थी।













