सुल्तानपुर : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के आठ सेल्फ फाइनेंस्ड सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता सरकार ने हमेशा के लिए खत्म कर दी है। यहां एंट्री भी पूरी तरह से बैन है। लगातार दो साल तक क्लासरूम न चलाने और बोर्ड में किसी कैंडिडेट के शामिल न होने पर सरकार ने इन स्कूलों के खिलाफ एक्शन लिया है।
इन डी-रिकग्निशन्ड स्कूलों के एजुकेशनल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए अब डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स ने एक ऑफिसर नॉमिनेट किया है। डिस्ट्रिक्ट स्कूल इंस्पेक्टर सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट पनिशमेंट एक्ट के तहत, अगर किसी मान्यता प्राप्त स्कूल का हाईस्कूल न्यू (वन टाइम) या इंटर न्यू क्लास का कोई स्टूडेंट लगातार दो साल तक एग्जाम में हिस्सा नहीं लेता है या क्लास नहीं लगती हैं, तो संबंधित स्कूल की मान्यता अपने आप खत्म हो जाएगी।
इस तरह एकेडमिक सेशन 2024-25 और 2025-26 में इन नियमों का पालन न करने वाले 465 ऐसे स्कूलों की मान्यता सरकार ने खत्म कर दी है। इसमें जिले के आठ स्कूल भी शामिल हैं।
इन स्कूलों की मान्यता हुई समाप्त
बोर्ड इंचार्ज जितेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि जिले के जिन स्कूलों की मान्यता सरकार ने खत्म की है, उनमें पंडित राम प्रसाद स्कूल, श्रीमती राजकुमारी मिश्रा बालिका इंका तवक्कलपुर नगरा सूरापुर, रमा निवास हायर सेकेंडरी स्कूल बवड़िया कादीपुर शामिल हैं।
इसके साथ ही शिव कुमारी देवी उमावि रायबीगो, कृष्णा हायर सेकेंडरी स्कूल ताजुद्दीनपुर अखंडनगर, ग्रामोदय उमावि माली का पुरवा कामतानगर लम्भुआ, जय बहादुर सिंह मेमोरियल इंका गुलालपुर और माता हर्ष शुक्ला इंका हर्षनगर देहली बाजार शामिल हैं। इन स्कूलों के एजुकेशनल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए पॉलिटिकल स्कूलों के प्रिंसिपल को ऑफिसर बनाया गया है। ये रिकॉर्ड पॉलिटिकल बालिका इंका कादीपुर, भदैंया और पॉलिटिकल इंका पिपरी में सुरक्षित रखे जाएंगे।












