लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए इस बार 5 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य तय किया है। शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम और देश के गौरवशाली इतिहास से जन-जन को जोड़ने का राष्ट्रीय आंदोलन है, जिसे व्यापक जनभागीदारी के साथ जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।
5 करोड़ घरों पर फहरेगा तिरंगा
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2022 में 4.10 करोड़ से अधिक, 2023 और 2024 में 4.50 करोड़ से अधिक और पिछले साल 2025 में 4.76 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराया गया था। इस बार यह आंकड़ा 5 करोड़ पार करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थाओं और एमएसएमई इकाइयों को इस अभियान से जोड़ा जाए। राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, जन सेवा केंद्रों, तहसीलों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, डाकघरों और पेट्रोल पंपों जैसी जगहों पर आम लोगों को राष्ट्रीय ध्वज आसानी से उपलब्ध कराया जाए।
14 और 15 अगस्त को सिनेमाघरों में बजेगा राष्ट्रगान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का प्रसारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा प्रदेशभर में तिरंगा रैली, तिरंगा संगीत समारोह, तिरंगा प्रदर्शनी, रंगोली और ‘सेल्फी विद तिरंगा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों और प्रमुख चौराहों को तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में स्वतंत्रता सेनानियों पर चित्र प्रदर्शनी, वंदे मातरम का गायन और चित्रांकन प्रतियोगिताएं होंगी, ताकि युवा पीढ़ी आजादी के इतिहास से जुड़ सके।
9 से 15 अगस्त तक चलेंगे स्वतंत्रता संग्राम कार्यक्रम
सीएम ने कहा कि 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के सभी कार्यक्रम पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाए जाएं। 9 से 15 अगस्त के बीच प्रदेश के सभी स्वतंत्रता संग्राम स्मारकों, स्मृति स्थलों और शहीद स्थलों पर विशेष आयोजन होंगे। इन स्थलों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। पुलिस बैंड की सहभागिता से पूरे प्रदेश में राष्ट्रभक्ति का माहौल तैयार किया जाएगा।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की भी तैयारी
बैठक में 14 अगस्त को आयोजित होने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की भी समीक्षा की गई। सीएम ने कहा कि देश के बंटवारे की त्रासदी को इतिहास के एक पन्ने की तरह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की प्रेरणा के रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शनी लगेगी और पंजाबी, सिंधी और बंगाली समेत बंटवारे से प्रभावित परिवारों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे। बांग्लादेश से आए शरणार्थी परिवारों को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा और उनके साथ कैंडल मार्च निकाला जाएगा। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में परिचर्चाओं के जरिए युवाओं को विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराया जाएगा।



