उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति अंतरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब वंचित और कमजोर वर्ग के छात्रों को DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से छात्रवृत्ति दी जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत 28 लाख छात्रों को कुल 3350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कदम प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को आर्थिक सहारा देने के लिए उठाया गया है, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई रुकावट न हो। “हमने बिना भेदभाव के सभी छात्रों को आर्थिक मदद देने की योजना बनाई है,” उन्होंने कहा।

योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रदेश की विकासात्मक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” सरकार का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार व्याप्त था, लेकिन अब पेंशन की राशि सीधे खातों में जा रही है और गरीबों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले सभी योजनाओं में भ्रष्टाचार था। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि “सपा के गुंडे पैसा हजम कर जाते थे, लेकिन अब हम पारदर्शिता से काम कर रहे हैं।”

इसके अलावा, उन्होंने कुपोषित बच्चों और माताओं के पोषाहार में भी भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और कहा कि उनकी सरकार ने इन मुद्दों पर कड़ी कार्रवाई की है।

“आज यूपी में पहचान का संकट नहीं है,” सीएम योगी ने कहा। उन्होंने “मिशन रोजगार” के तहत बिना भेदभाव के युवाओं को नौकरी देने की बात भी की और कहा कि “अभ्युदय कोचिंग” यूपी के छात्रों के लिए फ्री कर दी गई है, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से उठाएं और समाज में पारदर्शिता और विकास को बढ़ावा दें।

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