भारत की बैडमिंटन स्टार और लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल ने अपनी रिटायरमेंट की घोषणा कर दी है। 35 वर्षीय साइना नेहवाल ने इस बारे में एक पॉडकास्ट में जानकारी दी, जिसमें उन्होंने बताया कि उनका शरीर अब एलीट खेल की मांगों के अनुरूप उनका साथ नहीं दे रहा है। पिछले कुछ सालों से साइना को घुटने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्हें प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से दूर रहना पड़ा था। उन्होंने अपनी रिटायरमेंट के फैसले पर कहा कि उनकी चोट ने उन्हें हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग करने में असमर्थ कर दिया था।
साइना नेहवाल ने कहा कि दो साल पहले ही उन्होंने बैडमिंटन खेलना छोड़ दिया था, लेकिन अब तक रिटायरमेंट की घोषणा नहीं की थी। उन्हें लगता था कि उन्होंने अपनी शर्तों पर खेलना शुरू किया था और अब अपनी शर्तों पर ही विदा लेंगी, इसलिए इसे सार्वजनिक रूप से घोषणा करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। साइना ने यह भी बताया कि उनका कार्टिलेज पूरी तरह से खराब हो गया था और अब आर्थराइटिस जैसी समस्याएं उन्हें परेशान कर रही थीं। यही कारण था कि उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।
साइना नेहवाल बैडमिंटन में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की मालिक हैं। वह ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थीं। इसके अलावा, वह 2015 में विश्व रैंकिंग में नंबर 1 भी रहीं। उन्होंने 2008 में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीती और 2009 में इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज खिताब भी अपने नाम किया। साइना ने 2010 और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल भी जीते और वह दो सिंगल गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।
भारत सरकार ने उन्हें उनके योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया है। साइना नेहवाल का बैडमिंटन करियर प्रेरणादायक रहा है और उनके रिटायरमेंट से भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक नया अध्याय समाप्त हो गया है।













