सरसों का साग, खासकर उत्तर भारत में सर्दियों के मौसम में बहुत ही लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन है। इसे खासतौर पर मक्के की रोटी के साथ परोसा जाता है, जो न केवल स्वाद में बढ़िया होता है, बल्कि सेहत के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ताजगी और ताकत प्रदान करते हैं।
- विटामिन्स और मिनरल्स का खजाना
सरसों के साग में विटामिन ए, सी, और के के साथ-साथ फॉलिक एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है। ये तत्व त्वचा, आंखों, और इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होते हैं। विटामिन के हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, जबकि विटामिन सी शरीर को रोगों से बचाता है। - हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
सरसों के साग में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं, जो हृदय के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और रक्तचाप को कम करता है, जिससे हृदय संबंधी रोगों का खतरा कम होता है। - पाचन तंत्र को दुरुस्त रखें
यह साग फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। यह कब्ज को दूर करने में मदद करता है और आंतों की सेहत को बनाए रखने में सहायक होता है। - वजन घटाने में मदद
सरसों के साग में कैलोरी कम होती है, लेकिन पोषक तत्व अधिक होते हैं। यह वजन घटाने में सहायक है क्योंकि यह तृप्ति का एहसास कराता है और अधिक खाने की इच्छा को कम करता है। - एंटीऑक्सीडेंट गुण
सरसों के साग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में जर्म्स और फ्री रैडिकल्स को नष्ट करके शरीर को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। यह त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है और शरीर को अंदर से साफ करता है।



