तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की फायरिंग पर कड़ा ऐतराज जताया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर-सईद इरावानी ने एक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि ईरान के टॉप अधिकारियों की हत्या पर UNSC की नाकामी ने इजरायल को और ज़्यादा आक्रामक बना दिया है।
ईरान के मुताबिक, देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हत्या पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। इरावानी ने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो यह हिंसा दूसरे देशों तक भी फैल सकती है।
ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि यूनाइटेड अरब अमीरात ने अमेरिका को अपने इलाके का इस्तेमाल हमलों के लिए करने दिया, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार बनता है। ईरान ने UAE से हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग की है।
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और ईरानी सेना लगातार जवाबी कार्रवाई कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत अब तक 63 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा चुके हैं, जिनमें इजरायल के सैन्य ढांचे और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ढांचे को दिखाया गया है।
हाल ही में यूएई के हबशन गैस प्लांट और बाब फील्ड पर हुए हमले को अबू धाबी ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और इसे खतरनाक उकसावे की कार्रवाई करार दिया है।
मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष अब तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।













