लखनऊ : शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत अब निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए नए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन नए नियमों के तहत, अब किराए के मकान में रहने वाले अभिभावकों के बच्चों को RTE के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा।
लखनऊ: RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव
किराए के मकान में रहने वाले बच्चों को RTE में प्रवेश नहीं मिलेगा। RTE प्रवेश के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण अनिवार्य हैं। बच्चों की यूनिफॉर्म का पैसा सीधे अभिभावकों के खाते में जाएगा।भुगतान निदेशालय… pic.twitter.com/JH7b5Dalpy
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) February 1, 2026
नए नियमों के अनुसार, RTE प्रवेश के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में घर का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके साथ ही बच्चों की यूनिफॉर्म का पैसा अब सीधे अभिभावकों के खाते में जाएगा, और भुगतान निदेशालय स्तर से किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आधार-बैंक सत्यापन भी जरूरी होगा।
राजधानी दिल्ली के 1576 निजी स्कूलों में RTE के तहत कुल 21 हजार सीटें उपलब्ध होंगी। इन सीटों के लिए 2 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। बच्चों के दस्तावेजों की ऑनलाइन कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी, और स्कूल प्रबंधक तथा प्रधानाचार्य अपनी यूजर आईडी से इन दस्तावेजों की जांच कर सकेंगे।यह कदम बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।















