पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पी.ए.यू.) में आयोजित ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार महान शहीद के सपनों को साकार करने और देशभक्ति, समानता, इंसाफ और लोक कल्याण पर आधारित पंजाब के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शहीद भगत सिंह के सम्मान में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें मोहाली हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना और 30 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करना शामिल है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खटकड़ कलां में 52 करोड़ रुपये की लागत से ‘शहीद-ए-आजम भगत सिंह विरासती कॉम्प्लेक्स’ का निर्माण किया जा रहा है, जो अंतिम चरण में है। इसे राष्ट्रीय महत्व के विरासती स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी शहीदों के जीवन और बलिदानों से प्रेरणा ले सके। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले शहीदों की कुर्बानियों को भुला दिया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने हर मोर्चे पर शहीदों के सम्मान को सर्वोपरि रखा है।
मुख्यमंत्री मान ने अपने संबोधन में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का भी लेखा-जोखा रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 1,100 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, 70,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं, और लगभग 90 प्रतिशत घरों को शून्य बिजली बिल का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, नहरी सिंचाई और महिलाओं के लिए शुरू की गई ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ का भी विशेष जिक्र किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकारों और नाटकों के माध्यम से शहीदों की क्रांतिकारी गाथा को जीवंत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति की भावना का संचार हुआ।












