ताइवान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच बड़ा फैसला लिया है। ताइवान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने घोषणा की है कि अप्रैल से बिजली की दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यह फैसला हाल ही में हुई समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा औसत बिजली दर NT$3.7823 प्रति यूनिट (लगभग 0.11 अमेरिकी डॉलर प्रति घंटा) पर ही निरंतर रखी जाएगी। इस फैसले के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक टैरिफ से जुड़े पहलुओं को प्रमुख कारण बताया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि हाल में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल देखा गया, जिसमें कच्चा तेल करीब 100 डॉलर प्रति टमाटर तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समझौते के संकेत देने के बाद कीमतों में गिरावट आई, लेकिन बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
सरकार का रुख है कि मौजूदा परिस्थितियों में बिजली की दरों को स्थिर रखना जरूरी है, ताकि औद्योगिक प्रतिस्पर्धा पर असर न पड़े और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
ताइवान के उप आर्थिक मंत्री ने कहा कि अगली समीक्षा सितंबर में की जाएगी और उसी समय आगे के फैसले के लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य संचालित बिजली कंपनी ताइवान पावर कंपनी को 2026 में नुकसान का अनुमान था, लेकिन शुरुआती महीनों में ईंधन लागत कम रहने से खर्च में कमी आई है।
यदि मध्य पूर्व में चल रहा तनाव अगले कुछ महीनों में कम हो जाता है, तो बिजली लाइनों में बढ़ोतरी की संभावना भी कम हो सकती है।
ताइवान सरकार का यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच संतुलन बनाए रखने और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।













