वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष का असर अब बांग्लादेश में गंभीर ईंधन संकट के रूप में सामने आ रहा है। देशभर के पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
बांग्लादेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के मुताबिक, सरकारी कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) द्वारा जो ईंधन सप्लाई की जा रही है, वह मौजूदा मांग के मुकाबले बेहद कम है। इसी वजह से पंपों पर भारी भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिल रही है।
देश में लाखों मोटरसाइकिल और वाहन उपयोगकर्ता घंटों लाइन में खड़े होकर ईंधन लेने को मजबूर हैं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, वहीं पंप कर्मचारियों पर भी काम का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
पंप मालिकों ने कहा है कि हालात अब ‘क्रिटिकल’ हो चुके हैं। ईंधन की कमी और सुरक्षा के अभाव के चलते किसी भी समय देशभर में पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं।
एसोसिएशन ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ईंधन वितरण प्रणाली में सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। प्रशासन सिर्फ कागजी रिपोर्ट लेने तक सीमित है, जबकि जमीनी हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई जगहों पर भीड़ ने जबरन पेट्रोल पंप खुलवाकर बड़ी मात्रा में ईंधन लिया। कुछ मामलों में पंपों पर तोड़फोड़ और आग लगाने की धमकी भी दी गई। थाकुरगांव में भीड़ द्वारा पंप में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है।
पंप मालिकों ने यह भी चिंता जताई है कि 100-150 किलोमीटर दूर से आने वाले ईंधन टैंकरों को रास्ते में लूटे जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो संचालन बंद करना मजबूरी होगी।
इस पूरे संकट ने बांग्लादेश में ऊर्जा आपूर्ति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



