TMC supports no-confidence motion against Lok Sabha Speaker Om Birla, political turmoil intensifies ahead of Budget session. संसद के बजट सत्र 2026 के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसदों को यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से दिया गया है।

दरअसल, कांग्रेस के तीन सांसद – मोहम्मद जावेद, कोडिकुन्निल सुरेश और मल्लू रवि – लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन में नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका और विपक्ष के साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया।

स्पीकर पर पक्षपात के आरोप

कांग्रेस सांसदों ने ओम बिरला पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ बेवजह आरोप लगाए और जनता से जुड़े मुद्दे उठाने वाले विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। वहीं, सत्तारूढ़ दल के सदस्यों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।

लोकसभा की कार्यसूची में भी यह उल्लेख किया गया कि स्पीकर का व्यवहार ऐसा प्रतीत होता है जिससे सदन के सभी वर्गों का विश्वास बनाए रखने की उनकी निष्पक्ष भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस सांसदों का कहना है कि स्पीकर कई विवादित मुद्दों पर खुलकर सत्तारूढ़ दल का पक्ष लेते नजर आए, जो संसद के सुचारु संचालन के लिए चिंता का विषय है।

दोनों पक्षों ने जारी किया व्हिप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 9 से 11 मार्च के बीच सदन में सभी सांसदों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पहले चरण में भी हुआ था भारी हंगामा

बजट सत्र के पहले चरण में भी संसद में कई मुद्दों को लेकर तीखा टकराव देखने को मिला था। इसी दौरान कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद स्पीकर ने घोषणा की थी कि प्रस्ताव के निपटारे तक वह नैतिक आधार पर सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे।

सत्र के दौरान उस समय भी भारी हंगामा हुआ था जब राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ 2020 के गतिरोध को लेकर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित टिप्पणियों का हवाला देने की कोशिश की थी। इसके बाद नियमों के उल्लंघन के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था।

लगातार विरोध और हंगामे के कारण बजट सत्र के पहले हिस्से में संसद की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी थी। अब दूसरे चरण से पहले लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी तापमान और बढ़ गया है।

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