लेबनान पर इजरायल द्वारा लगातार हमले और अमेरिकी दबाव के बीच हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। लेबनान की सरकार ने हाल ही में इजरायल द्वारा पहले चरण के निरस्त्रीकरण को पूरा करने की जानकारी दी है। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच सीजफायर की शर्त रखी थी, जिसमें कहा गया था कि लेबनान को हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना होगा। इस बीच, इजरायल की सेना ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है।

लेबनानी सरकार ने बताया कि लितानी नदी के दक्षिण में हिजबुल्लाह के द्वारा रखे गए हथियारों को कब्जे में ले लिया गया है। लेबनानी आर्मी कमांडर जनरल रोडोल्फ हायकल ने जानकारी दी कि अब निरस्त्रीकरण के दूसरे चरण की शुरुआत होगी, जो लितानी और अवाली नदी के उत्तर में होगा।

वहीं, लेबनान सरकार के अनुसार, लितानी नदी के उत्तर में हिजबुल्लाह ने हथियार रखने से इनकार कर दिया है। सरकार ने हिजबुल्लाह को सुरक्षा का आश्वासन दिया है, लेकिन इसके बावजूद वे अपने हथियारों को नहीं छोड़ना चाहते। सरकार ने यह भी साफ किया कि इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों में किसी प्रकार का अभियान नहीं चलाया गया है।

बता दें, लेबनान सरकार ने यह वादा किया था कि वह 2025 तक सभी गैर सरकारी समूहों से हथियार छीन लेगी। हालांकि, अब तक वह इस वादे को पूरा करने में विफल रहा है। लेबनान सरकार ने कहा कि सुरंगों में बहुत अधिक विस्फोटक हैं, जिनसे निपटने में समय लग सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दक्षिणी लेबनान से किसी प्रकार के हमले की संभावना नहीं है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि लेबनान के सुरक्षित भविष्य के लिए हिजबुल्लाह को पूरी तरह से निरस्त्र करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि लेबनान को ईरान से सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि ईरान फिर से हिजबुल्लाह को सशस्त्र करने की कोशिश कर सकता है।

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