Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) स्थित एक कोचिंग सेंटर (एनिमेशन व कंप्यूटर संस्थान) की इमारत में भड़की भीषण आग ने अब तक की सबसे बड़ी और खौफनाक महात्रासदी का रूप ले लिया है। इस दिलदहला देने वाले हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 18 हो चुकी है। इमारत के ऊपरी फ्लोर पर बने कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी में फंसे इन 18 छात्र-छात्राओं की जिंदा जलने और दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, 9 छात्र गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जो केजीएमयू ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
सामने आई मृतकों की सूची (14 नामों की पुष्टि)
प्रशासनिक और मीडिया सूत्रों के हवाले से इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के नाम सामने आ गए हैं, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मृतकों में शामिल हैं
सागर, नीलेश सूरज शाह, आदित्य श्रीवास्तव
ज्योति, सुखमनी, अनामिका
संयम, भविष्य, भाहजान
मोहम्मद अम्मार, सुमल्या, अनुछा
अब्दुल रहमान और जयनिल चक्रवर्ती
इन सभी छात्र-छात्राओं के शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम और शिनाख्त के लिए भेजा गया है। अपनों के नाम सुनते ही अस्पताल परिसर में पीड़ित परिवारों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई है।
9 छात्र गंभीर रूप से झुलसे, डॉक्टरों की विशेष टीम मुस्तैद
इस भयावह अग्निकांड की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलसे 9 छात्रों का केजीएमयू ट्रामा सेंटर में सघन इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इलाज करा रहे घायलों के नाम इस प्रकार हैं
जयंत, लवप्रीत, आसिफ, पंकज
भुवन श्रीवास्तव, शैलेंद्र, अभिषेक
पंकज जोशी और गौरव कुमार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद केजीएमयू पहुंचकर घायलों और पीड़ित परिवारों से मिल चुके हैं। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही सीएम ने साफ चेतावनी दी है कि इस लापरवाही के पीछे जिम्मेदार एक भी अधिकारी या संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।











