उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्व सैनिकों को रेलवे की जिम्मेदारियों के लिए बहुत अहम फैसला लिया है…बता दें कि आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ है…इस समझौते के तहत पूर्व सैनिकों को ट्रैफिक गेटमैन और पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा..
ये समझौता भारतीय रेलवे के इतिहास में पहला अवसर है जब पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के पद पर नियुक्त किया जाएगा, और साथ ही पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में ट्रैफिक गेटमैन के पद पर पूर्व सैनिकों की तैनाती के लिए यह दूसरा समझौता है. झांसी मंडल में यह योजना पूरी तरह से लागू होगी, जिसके तहत कुल 195 ट्रैफिक गेटमैन और 175 पॉइंट्समैन के पद पूर्व सैनिकों द्वारा भरे जाएंगे. जानकारी के लिए बता दें कि इन सभी की तैनाती झांसी मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेल खंडों पर की जाएगी.
इस एमओयू पर रेल प्रबंधक ,वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के साइन हुए है…रेलवे अधिकारियों के हिसाब से अगले 15 दिनों के अंदर पूर्व सैनिकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.इनकी तैनाती उन महत्वपूर्ण रेल क्रॉसिंग, यार्ड और जंक्शनों पर होगी, जहां उच्च सतर्कता की आवश्यकता रहती है.साथ ही अधिकारियों का मानना है कि सेना से सेवानिवृत्त जवानों में अनुशासन, समयपालन, जोखिम प्रबंधन और आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता पहले से ही विकसित होती है, जिससे रेल सुरक्षा और परिचालन दक्षता में सुधार होगा. और काफी ज्यादा काम भी आएगा…














