Eknath Shinde retorts to Rahul Gandhi’s statement, says India’s respect is increasing in the world under Modi’s leadership. महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका द्वारा भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दिए जाने के मुद्दे पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाते हुए ग्लोबल “इकोनॉमिक सुपरपावर” की दिशा में आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में भारत की साख और सम्मान बढ़ा है। ऐसे समय में देश को कमजोर दिखाने वाले बयान देना सही नहीं है।
शिंदे ने राहुल गांधी के उस बयान का भी खंडन किया, जिसमें उन्होंने भारत की विदेश नीति को “एक समझौता किए हुए व्यक्ति का शोषण” बताया था। शिंदे ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा से देश के हित, इतिहास और मूल्यों पर आधारित रही है और मौजूदा सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है।
डिप्टी सीएम ने राहुल गांधी की देशभक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश के भीतर और विदेश में भारत की छवि को खराब करने वाले बयान देना गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति देश के हित में नहीं है।
एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हैं ताकि उन्हें राजनीतिक सुर्खियां मिल सकें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जानते हैं कि अगर वे पीएम मोदी पर आरोप लगाएंगे तो वह “ब्रेकिंग न्यूज” बन जाएगी और उन्हें चर्चा में बने रहने का मौका मिल जाएगा।
दरअसल यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है। यह फैसला ग्लोबल मार्केट में तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लिया गया है।
इस पोस्ट के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति देश की जनता की सामूहिक इच्छा, इतिहास, भूगोल और सत्य-अहिंसा जैसे मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति नीति नहीं बल्कि एक “समझौता किए हुए व्यक्ति के शोषण” का परिणाम है।
अमेरिका की ओर से कहा गया है कि यह छूट केवल अस्थायी व्यवस्था है और इसका उद्देश्य ग्लोबल मार्केट में तेल की आपूर्ति को बनाए रखना है। अमेरिकी प्रशासन ने यह भी उम्मीद जताई है कि भारत आगे चलकर अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा।













