अयोध्या: भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों के लिए राम मंदिर दर्शन को लेकर बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब उन्हें दर्शन पास बनवाने के लिए यात्री सेवा केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही ट्रस्ट पदाधिकारियों से अनुरोध करना होगा। सेना के जवानों और अधिकारियों को रामलला, राम परिवार और रामजन्मभूमि परिसर में विराजमान अन्य देवताओं के दर्शन के लिए पास अब कैंट स्थित डोगरा रेजीमेंटल सेंटर (DRC) के सैनिक सदन से ही मिल सकेगा।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सैनिक सदन के नाम से नई आईडी जारी कर दी है। साथ ही प्रतिदिन जारी होने वाले दर्शन पास का कोटा भी तय कर दिया गया है। सैन्य अधिकारियों की अनुशंसा पर रोजाना 300 सुगम दर्शन पास और 100 विशिष्ट दर्शन पास बनाए जा सकेंगे।
इसके लिए ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने अपनी संस्तुति भी दे दी है। शनिवार से सैनिक सदन के नाम की आईडी भी जारी कर दी गई है।
पहले पास बनवाने में होती थी परेशानी
राम मंदिर में दर्शन के लिए अब तक सेना के जवानों और अधिकारियों को स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से ट्रस्ट से संपर्क करना पड़ता था। बाहर से आने वाले सैन्य अधिकारियों को पास बनवाने में कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं, ट्रस्ट के सामने सत्यापन की समस्या भी आती थी।
कई बार पूर्व महासचिव चंपतराय के उपलब्ध नहीं होने पर डीआरसी के स्थानीय अधिकारियों और जवानों को यात्री सेवा केंद्र से वापस लौटना पड़ता था। ट्रस्ट ने पहले केवल चंपतराय को ही पास जारी करने के लिए अधिकृत किया था। चढ़ावा चोरी मामले के बाद उनके इस्तीफे और आईडी बंद होने से सैन्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
स्थायी समाधान के लिए लिया गया फैसला
स्थानीय सैन्य अधिकारियों ने इस समस्या को लेकर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन से मुलाकात की थी और स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके बाद सहमति बनने पर सैनिक सदन के नाम से नई आईडी जारी करने का फैसला लिया गया।
अब डोगरा रेजीमेंटल सेंटर से ही सेना के जवानों और अधिकारियों के दर्शन पास बनाए जा सकेंगे। दोनों श्रेणियों में कुल 400 दर्शन पास प्रतिदिन जारी किए जा सकेंगे।
हालांकि, आरती पास के लिए सैनिक सदन को अधिकृत नहीं किया गया है। आरती पास अभी भी ट्रस्टियों की अनुशंसा पर ही जारी किए जाएंगे।



