अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद सभी आठ आरोपियों से पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ पूरी हो चुकी है। अब पुलिस जांच के दूसरे चरण में ट्रस्ट के सदस्यों, बैंक कर्मियों और उन सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ करेगी, जिन पर गणना कक्ष की निगरानी की जिम्मेदारी थी। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों से मिली अहम जानकारियों के आधार पर अब संबंधित लोगों को पुलिस के सवालों का जवाब देना होगा और उनके बयान लिखित रूप में दर्ज किए जाएंगे।
कैसे-कैसे हुई रिमांड की प्रक्रिया?
गत पांच जून को प्रकाश में आए इस मामले की जांच के लिए शासन ने एसआईटी का गठन किया था, जिसकी जांच में आठ लोगों को दोषी पाया गया। ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर 25 जून को रामजन्मभूमि थाने में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव, ट्रस्ट कर्मी रामशंकर यादव टिन्नू, अविनाश शुक्ल, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और टिन्नू के भतीजे मनीष यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सबसे पहले दो जुलाई को अविनाश शुक्ल का कस्टडी रिमांड मिला, इसके बाद सात जुलाई को तीन और 14 जुलाई को दो आरोपियों को रिमांड पर लिया गया। अंत में 17 जुलाई को सबसे संदिग्ध माने जा रहे टिन्नू और मनीष से 39 घंटे तक पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने कई अहम राज उगले।
क्या-क्या हुआ बरामद?
रिमांड के दौरान आरोपियों के पास से नकदी, आभूषण, वाहन और संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी अब विस्तृत पड़ताल शुरू होगी। पुलिस ने गणना कक्ष का सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिया है और अब आरोपियों के बयानों के आधार पर अगले चरण की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि एसआईटी पहले ही इन संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, लेकिन अब उन्हें औपचारिक रूप से पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।














