बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर चर्चा जोरों पर है। सियासी गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या राज्यसभा की बची हुई पांचवीं सीट के जरिए उनकी ‘ग्रैंड एंट्री’ की तैयारी है।

बता दें, बिहार की पांच राज्यसभा सीटों में से चार पर एनडीए के उम्मीदवार लगभग तय माने जा रहे हैं। भाजपा की ओर से नितिन नवीन और शिवेश कुमार, राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा तथा जदयू से रामनाथ ठाकुर के नाम सामने आ चुके हैं। ऐसे में एक सीट शेष है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

बता दें, इस बीच मुख्यमंत्री के करीबी वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी ने खुलकर कहा है कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए। उनके मुताबिक पार्टी के कार्यकर्ता भी यही चाहते हैं और उनके आने से युवाओं में नई ऊर्जा आएगी। मंत्री अशोक चौधरी और श्रवण कुमार ने भी इसी तरह की राय रखी है। श्रवण कुमार ने तो संकेत दिया कि होली के आसपास कोई बड़ी खबर मिल सकती है।

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पहले से ही निशांत की राजनीति में भागीदारी का समर्थन करते रहे हैं। वहीं पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने तो यहां तक कह दिया कि जदयू के भविष्य के लिए निशांत कुमार को आगे लाया जाना चाहिए।

इन तमाम बयानों के बीच अब अंतिम फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निर्भर करता है। क्या राज्यसभा की पांचवीं सीट से निशांत कुमार की राजनीति में औपचारिक एंट्री होगी या पार्टी कोई और रणनीति अपनाएगी—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

BSP पर पूछा सवाल और जवाब में ही फंस गए राजनीतिक विश्लेषक

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