दिल्ली: अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 2 हफ्ते का समय दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई में 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के दौरान 2 करोड़ रुपये का DD पेश करने को कहा है।
क्या है पूरा विवाद ?
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव से जुड़ा एक पुराना कानूनी विवाद अक्सर चर्चा में रहता है, जिसकी जड़ें साल 2010 में फैली हुई हैं। यह पूरा मामला उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण से जुड़ा हुआ है। फिल्म के प्रॉडक्शन और रिलीज के सिलसिले में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी फिल्म निर्माण कंपनी को लगभग 5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वित्तीय सहायता के रूप में दी थी।
हालांकि, तय समय पर फिल्म की रिलीज में देरी होने के कारण दोनों पक्षों के बीच पैसों की वापसी को लेकर कई दौर के समझौते हुए। बात तब बिगड़ी जब मुरली प्रोजेक्ट्स को दिए गए कुल सात चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने के बाद कंपनी ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और कानूनी कदम उठाते हुए नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत अदालत में सात अलग-अलग शिकायतें दर्ज करा दीं। यह मामला कानूनी गलियारों में काफी चर्चा का विषय रहा और इसके चलते अभिनेता को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा।














