उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बीजेपी ने बुधवार को कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति की। पार्टी की ओर से जारी सूची में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी गई है, जबकि उत्तराखंड का प्रभारी राम माधव को बनाया गया है। ये नियुक्तियां बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मंजूरी से की गई हैं।
यूपी में विनोद तावड़े को कमान
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप शर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की यह टीम 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को संभालेगी।
विनोद तावड़े को इससे पहले अगस्त में ही उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्होंने लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें भी की थीं।
उत्तराखंड में राम माधव को जिम्मेदारी
उत्तराखंड में बीजेपी ने राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाया है। उनके साथ अरविंद मेनन और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
पार्टी की ओर से की गई यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बीजेपी अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा कर रही है।
इन राज्यों में भी बदले प्रभारी
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा कई अन्य राज्यों के लिए भी नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा की है।
बिहार और कर्नाटक की जिम्मेदारी हरीश द्विवेदी को दी गई है। छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभार स्मृति ईरानी को सौंपा गया है। दिल्ली के प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे बनाए गए हैं, जबकि गुजरात की जिम्मेदारी तरुण चुग और हिमाचल प्रदेश का प्रभार श्रीकांत शर्मा को दिया गया है।
महाराष्ट्र में बैजयंत जय पांडा को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ अमित मालवीय, सदानंद शेट तानावड़े और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर और पंजाब की जिम्मेदारी सतीश पूनिया को दी गई है।
2027 चुनाव से पहले संगठन पर फोकस
बीजेपी ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की नई सूची जारी की है। पार्टी के इस संगठनात्मक फेरबदल में कई ऐसे राज्य शामिल हैं, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों पर अब इन प्रभारियों की भूमिका अहम रहेगी।











