उत्तर प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई-कई वोट दर्ज हैं और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर 100 विधानसभा क्षेत्रों में शिकायतें कर चुकी है।
एक नाम पर 10 वोट दर्ज होने का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास यादव नाम के एक व्यक्ति के नाम पर 10 वोट दर्ज हैं। उनके मुताबिक, इन सभी प्रविष्टियों में माता-पिता का नाम और पता एक ही है।
उन्होंने लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट का जिक्र करते हुए दशरथ नाम के व्यक्ति से जुड़े 100 वोट मिलने का भी दावा किया। इन आरोपों को लेकर मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल उठाए गए हैं।
100 विधानसभा क्षेत्रों में शिकायतों का दावा
सपा अध्यक्ष के मुताबिक, उनकी पार्टी 100 विधानसभा क्षेत्रों में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिकायतें कर चुकी है। उन्होंने बताया कि पार्टी के PDA प्रहरी मतदाता सूचियों पर नजर रख रहे हैं और EPIC नंबर के जरिए संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।
बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन विधानसभा सीटों पर बीजेपी को हार का डर है, वहां कथित तौर पर फर्जी मतदाता जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप भी लगाया।
इसके साथ ही उन्होंने वोटरों के नाम काटने, कथित फर्जी वोट जोड़ने और मतगणना में गड़बड़ी जैसे मुद्दे उठाए। ये सभी आरोप सपा अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
मतदाता सूची का ऑडिट कराने का ऐलान
अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी मतदाता सूची का ऑडिट कराएगी और उनके मुताबिक सामने आई कथित अनियमितताओं को उजागर करेगी। अब इस मामले में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और शिकायतों की जांच के नतीजों पर नजर रहेगी।













