ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 90वीं बोर्ड बैठक चेयरमैन की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में जेवर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक विस्तार और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है। बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय और विकासात्मक उपलब्धियों का ब्यौरा भी पेश किया गया।
इस बोर्ड बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC 5.0) में मिला रिकॉर्ड तोड़ निवेश रहा। यमुना प्राधिकरण ने इस सेरेमनी के लिए तय किए गए 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए कुल 30,885 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतारने में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, पिछले दो वर्षों के भीतर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए 137 बड़े औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है, जिससे क्षेत्र में हजारों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
किसानों और आवासीय योजनाओं को बड़ी सौगात
प्राधिकरण ने स्थानीय किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करते हुए एक बड़ा संवेदनशील फैसला लिया है। बोर्ड ने 7% आबादी भूखंडों के आवंटन को लेकर अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके तहत कुल 4,368 पात्र किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले आबादी के भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। इस फैसले से स्थानीय ग्रामीण और किसान परिवारों में भारी खुशी का माहौल है।
इसके अतिरिक्त, बैठक में विभिन्न नई आवासीय योजनाओं से जुड़े अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे दिल्ली-NCR के लोगों के लिए जेवर एयरपोर्ट के नजदीक आशियाना बनाने का सपना आसान होगा। चेयरमैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं और आवंटन प्रक्रियाओं को पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस बोर्ड बैठक के निर्णयों से यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र न केवल वैश्विक औद्योगिक हब के रूप में उभरेगा, बल्कि स्थानीय किसानों और नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार आएगा।












