प्रदेश के पिछड़े विकास खंडों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से हर विभाग को हर माह विकास योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिया है।
बता दें, मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों को विकास योजनाओं की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों से सीधा संवाद कर कई योजनाओं की प्रगति जानी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर विभाग को महीने में कम से कम एक बार नियमित समीक्षा करनी चाहिए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
बता दें, मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में हर विभाग और उसकी योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
वहीं, इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही और अधिक से अधिक लाभार्थियों का चयन करने का निर्देश दिया। एसआरएलएम के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्य विकास अधिकारियों की भूमिका को अहम बताया। हर महीने एक अनिवार्य कोऑर्डिनेशन कमेटी बैठक आयोजित करने का भी आदेश दिया।
मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्वयं सहायता समूहों के लक्ष्य को तीन करोड़ तक बढ़ाने की योजना पर जोर दिया। इसके अलावा, लखपति महिला कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, निर्माणाधीन अमृत सरोवरों और अन्य योजनाओं की समीक्षा किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी उत्तर प्रदेश दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन में हर जिले से 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें प्रगतिशील किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, खिलाड़ी, महिलाएं और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थी शामिल होंगे। अधिकारियों को इन व्यक्तियों के ठहरने, खानपान और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।













