उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में अदाणी समूह की कंपनी मिर्जापुर थर्मल एनर्जी यूपी प्राइवेट लिमिटेड की 1600 मेगावाट पावर प्लांट परियोजना के विस्तार को लेकर जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई कठिनई प्राथमिक विद्यालय के पास आयोजित हुई, जिसमें प्रस्तावित भूमिगत वॉटर पाइपलाइन, डीबी पंप हाउस और इंटेक वेल निर्माण से संबंधित सामाजिक समाघात आकलन (SIA) रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की गई।
जनसुनवाई की अध्यक्षता करते हुए उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र ने कहा कि किसी भी औद्योगिक परियोजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे मिर्जापुर के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
कंपनी प्रबंधन ने भी स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान स्थानीय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कंपनी ने कहा कि पावर प्लांट के विस्तार से स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना बनेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

जनसुनवाई में ददरी खुर्द, सरैया, कठिनई, पत्थरताल, गुरखौली, हिनौती, टौंगा, चांद लेवा कलां, जरहाँ और नगहट समेत कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी राय व सुझाव रखे। प्रशासन और कंपनी के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के सुझावों को सकारात्मक रूप से लिया और उन्हें परियोजना में शामिल करने का आश्वासन दिया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से मिर्जापुर के दूरदराज इलाकों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी गति मिलेगी।
इस मौके पर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश कुमार, अरुण कुमार, ऊषा मिश्रा, प्रमोद पाठक, नुसूर खान, विवेक थपलियाल, पवन सिंह, विशाल और अनुग्रह मौजूद रहे। इनके अलावा ब्यास जी बिंद (एडवोकेट), रामदेव सरोज, प्रधान राम सिंह राणा, निर्भय दुबे, राकेश पांडेय, मनोज पांडेय, महेश गौतम, महेश यादव और जिला पंचायत सदस्य साजन कुमार भी जनसुनवाई में शामिल हुए।
साथ ही अग्रिमा संस्था से राजेश कुमार, आकांक्षा और ध्रुव श्रीवास्तव ने सामाजिक समाघात आकलन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी ग्रामीणों को दी और परियोजना से होने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया।


