उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक तालाब से दो दर्जन से ज़्यादा पासपोर्ट मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बता दे सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन पासपोर्ट को एक बोरे में गिट्टी (पत्थर के टुकड़े) से भरकर जानबूझकर पानी में डुबोया गया था, ताकि बोरा पानी से ऊपर न उठ सके। पुलिस पूरे मामले की बहुत गंभीरता से जांच कर रही है।
जाल में एक भारी बोरा फंस गया
यह अनोखी घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है। मिर्ज़ापुर के एक लोकल गांव में मछुआरे रोज़ की तरह तालाब में मछली पकड़ने के लिए जाल डाल रहे थे। इसी बीच उनके जाल में एक भारी बोरा फंस गया। जब मछुआरों ने काफी मशक्कत के बाद उस बोरे को पानी से बाहर निकाला तो उनके होश उड़ गए। बोरे को खोलने पर पता चला कि उसमें वज़न बढ़ाने के लिए भारी गिट्टी भरी हुई थी और उसके अंदर कुल 26 पासपोर्ट छिपाए गए थे। मछुआरों ने तुरंत गांव के दूसरे लोगों और लोकल पुलिस को इस अजीब घटना की जानकारी दी।
पुलिस कई जिलों के पासपोर्ट की जांच में जुटी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी डॉक्यूमेंट्स अपने कब्जे में ले लिए हैं। शुरुआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे इस तरह हैं….बरामद किए गए पासपोर्ट सिर्फ मिर्जापुर के ही नहीं हैं, बल्कि उनमें वाराणसी, भदोही, अंबेडकरनगर और उत्तर प्रदेश के कई दूसरे जिलों के लोगों के नाम और पते हैं।
क्या इसके पीछे कोई बड़ा फर्जीवाड़ा ?
मिर्जापुर के इस तालाब में इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग जिलों के लोगों के पासपोर्ट कैसे पहुंचे? उन्होंने इसे गिट्टी से भरी बोरी में डालकर पानी में क्यों फेंका? क्या इसके पीछे कोई बड़ा फर्जीवाड़ा, ह्यूमन ट्रैफिकिंग (Human Trafficking) है या खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कोई बड़े गैंग हैं? पुलिस इन सभी पहलुओं पर गहराई से काम कर रही है।
एरिया ऑफिसर का बयान
वही घटना की पुष्टि करते हुए एरिया ऑफिसर (CO) सदानंद सिंह ने कहा कि तालाब से पासपोर्ट बरामद होने का मामला पूरी तरह सच है। उन्होंने कहा, “इस पूरे मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। पासपोर्ट होल्डर्स की पहचान कर उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”














