इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान पर किए गए हमले के बाद मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने इस कार्रवाई का जवाब देते हुए इजरायल पर पलटवार शुरू कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं।
बता दें, इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया। तेहरान समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया और मिसाइलें दागी गईं। इसके तुरंत बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
बता दें, ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वह इजरायल और अमेरिका के हमलों का पूरी ताकत के साथ जवाब देगा। इसी बीच ईरान को लेबनान के हिज़्बुल्लाह और यमन के हूती विद्रोहियों का भी समर्थन मिल गया है।
वहीं, लेबनान से हिज़्बुल्लाह ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं, जबकि यमन के हूती विद्रोहियों ने भी हमले शुरू कर दिए। इन हमलों के बाद इजरायल में कई जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है।
ईरान ने कथित तौर पर मध्य पूर्व के कई देशों को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अबू धाबी (UAE), मनामा (बहरीन), कुवैत, कतर और जॉर्डन की दिशा में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं।
बहरीन की ओर से दावा किया गया है कि वहां मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें फ्लीट के मुख्यालय को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच सीधा टकराव अब क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता दिख रहा है। हूती और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों की सक्रियता ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो यह टकराव व्यापक युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।














