पनवाड़ी विकासखण्ड के नैपुरा गांव में बाल विकास परियोजना अधिकारी के एक विवादित कारनामे ने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां तैनात एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री की 18 माह पहले मौत हो चुकी थी, लेकिन हाल ही में अधिकारी ने उन्हें नोटिस थमाकर परिजनों को परेशान कर दिया।
परिजन इस नोटिस से स्तब्ध और आहत हैं। उनका कहना है कि इतनी लंबी अवधि बाद मृतक को नोटिस भेजना न केवल असंवेदनशीलता है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में सरकारी सिस्टम की कमियों को दर्शाती हैं और इसमें सुधार की सख्त जरूरत है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी की इस कार्रवाई पर अब उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है।












