वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यौन शोषण के आरोपों पर गंभीर बयान दिए। उन्होंने आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह सब एक साजिश का हिस्सा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शंकराचार्य ने कई गंभीर आरोप लगाए और अपनी सफाई दी।
शंकराचार्य ने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि हमारे मठ में कोई रहस्य नहीं है। हमारा मठ हमेशा से ही लोगों के लिए खुला हुआ है और अब भी है। कोई स्विमिंग पूल या शीश महल नहीं है, यह सब केवल मनगढ़ंत कहानियाँ हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि मठ के खिलाफ जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे झूठे हैं और उनका उद्देश्य मठ की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना है।
उन्होंने कहा, “आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप जब झूठे सिद्ध होंगे, तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिस व्यक्ति ने मठ के खिलाफ अपमानजनक बातें कही हैं, उसे जवाब देना होगा।” शंकराचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि मठ में कोई अवैध गतिविधियाँ नहीं चल रही हैं और उन्होंने मठ की सेवा करने वाले CEO की निष्ठा की भी सराहना की।
यौन शोषण के मामले में कांग्रेस और अखिलेश यादव का समर्थन:
शंकराचार्य पर यौन शोषण के आरोपों के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस शहर कमेटी ने प्रदर्शन करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले में जल्द कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “शंकराचार्य पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। उन्हें गंगा स्नान तक करने की अनुमति नहीं दी गई।” अखिलेश यादव ने शंकराचार्य के सम्मान की रक्षा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि इस मामले में न्याय मिलना चाहिए।
शंकराचार्य ने उठाए कई सवाल:
शंकराचार्य ने इस दौरान कई सवाल उठाए और कहा, “क्या कोई हिस्ट्रीशीटर एक रात में संत बन सकता है? यदि ऐसा होता है तो क्या उसकी पोल नहीं खुलनी चाहिए?” उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधी सत्ता में हैं और वही मामले की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने उनके खिलाफ सुनवाई की, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की है। “हमारे गुरु ने कहा था कि धर्म की रक्षा के लिए आवाज उठाना है और हम अपने धर्म की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाते रहेंगे।”
FIR और यौन शोषण के आरोप:
प्रयागराज में शंकराचार्य के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में FIR दर्ज की गई है। कांग्रेस और अखिलेश यादव ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि शंकराचार्य ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपों को सिरे से नकारा और इसे एक राजनीतिक साजिश बताया।














