Delhi: हाल के घटनाक्रमों ने पंजाब और हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। बता दें, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार की कार्यशैली का उदाहरण देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर न्याय के मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं।
बता दें, केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में उनकी सरकार के एक मंत्री पर गंभीर आरोप लगने के बाद बिना किसी देरी के कड़ी कार्रवाई की गई। पार्टी के अनुसार, संबंधित मंत्री को न केवल पद से हटाया गया, बल्कि उसे गिरफ्तार भी किया गया। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी में कानून और जवाबदेही सर्वोपरि है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।
वहीं, दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने हरियाणा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (ADGP) की आत्महत्या के मामले को लेकर BJP पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि इस मामले में गंभीर आरोप सामने आने के बावजूद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि इसके विपरीत, सरकार और सत्तारूढ़ दल के लोग आरोपितों के समर्थन में नजर आए।
आम आदमी पार्टी ने इन दोनों मामलों की तुलना करते हुए कहा कि यह दोनों पार्टियों की कार्यशैली और सोच में स्पष्ट अंतर दिखाता है। पार्टी का कहना है कि जहां आम आदमी पार्टी ने अपने ही मंत्री के खिलाफ कार्रवाई कर जवाबदेही का उदाहरण पेश किया, वहीं BJP पर अपने लोगों को बचाने का आरोप लग रहा है।
हालांकि, इस मुद्दे पर BJP की ओर से अलग रुख सामने आया है। पार्टी का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी मामले में जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाती है। BJP ने आम आदमी पार्टी के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।



