भारत जल्द ही दुनिया का पहला देश बन जाएगा, जो स्वास्थ्य सेवाओं को धन से अलग करेगा, यह कहना है नारायणा हेल्थ के चेयरमैन और संस्थापक डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी का।

बीकेसी में आयोजित 25वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ ऐक्टुअरीज़ में डॉ. शेट्टी ने कहा कि अगले पांच से सात सालों में भारत यह बदलाव लाएगा, जिससे नागरिकों के वित्तीय स्थिति से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता अप्रभावित रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने पहले ही डॉक्टरों और अस्पतालों के बेड की संख्या में जबरदस्त वृद्धि की है।

“भारत दुनिया का पहला देश बनेगा, जो स्वास्थ्य सेवाओं को धन से अलग करेगा। भारत यह साबित करेगा कि देश की या परिवार की संपत्ति का स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोई संबंध नहीं है। डॉ. शेट्टी ने कहा-हम अगले पांच से सात सालों में इसे हासिल करेंगे, क्योंकि अब हमारे पास प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या तिगुनी हो चुकी है और पर्याप्त संख्या में बेड भी हैं,”

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्व
डॉ. शेट्टी ने ऑपरेशन रूम में तकनीकी बदलाव को लेकर चिंता व्यक्त करने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि AI चिकित्सकों को हटाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी उत्पादकता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए है।

“AI डॉक्टरों को redundant नहीं बनाएगा। AI डॉक्टरों को मरीजों के लिए और अधिक सुरक्षित बनाएगा और उनकी उत्पादकता को बढ़ाएगा। उदाहरण के लिए, एक त्वचा विशेषज्ञ जो 3,000 से 5,000 मरीजों का इलाज करता था, अब AI की मदद से वह 30,000 मरीजों का इलाज कर सकता है।”

हाइब्रिड स्वास्थ्य मॉडल
डॉ. शेट्टी ने एक हाइब्रिड स्वास्थ्य मॉडल का प्रस्ताव दिया, जिसमें सरकारी अस्पतालों और बीमा योजनाओं को गरीबों के लिए अनिवार्य बताया, वहीं उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मध्यवर्गीय परिवारों के लिए एक पेड यूनिवर्सल इंश्योरेंस मॉडल की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्य बचत खातों (Health Savings Accounts) को एक समाधान के रूप में पेश किया, जिसमें परिवार 3,500 रुपये का प्रीमियम देकर 3 लाख रुपये तक का कवर प्राप्त कर सकते हैं।

भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की तुलना विकसित देशों से
डॉ. शेट्टी ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना विकसित देशों से करते हुए कहा कि भारत में CT स्कैन और MRI जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए कोई लंबी प्रतीक्षा सूची नहीं होती, जो उसे एक विशेष स्थिति में रखता है।

“दुनिया के हर देश में स्वास्थ्य देखभाल के संकट हैं, यहां तक कि अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपीय देशों में भी। लेकिन भारत में सरकार और निजी अस्पतालों की मौजूदगी, और कम लागत पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं इसे एक प्रगति मानक बनाती हैं,” डॉ. शेट्टी ने कहा।

स्वास्थ्य बीमा का भविष्य
डॉ. शेट्टी ने यह भी कहा कि भारत के सभी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा की पहुंच जल्द ही संभव होगी, जो स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण को पूरी तरह से बदल देगा।

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