नई दिल्ली : मोटरस्पोर्ट्स में भारत तेजी से अपनी पहचान बना रहा है, और इस क्षेत्र में 23 वर्षीय दिव्य नंदन ने युवा प्रतिभा का नया मानक स्थापित किया है। हरियाणा के गुड़गांव में जन्मे दिव्य ने अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट में भारतीय झंडा बुलंद किया है और अब उनका फोकस फ़ॉर्मूला 1 की ओर है।

दिव्य नंदन ने 17 साल की उम्र में नारायण कार्तिकेयन की रेसिंग अकादमी में कार्टिंग शुरू की, जो सामान्य तौर पर देर मानी जाती है। इसके बाद उन्होंने MRF F2000 और MRF 1600 जैसी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। 2024 में उन्होंने इंडियन F4 चैंपियनशिप में चार बार पोडियम पर जगह बनाई और कुल मिलाकर चौथा स्थान हासिल किया। खास बात यह थी कि चेन्नई स्ट्रीट सर्किट पर उन्होंने ‘पोल पोज़िशन’ हासिल की, जो उनकी क्षमता का बड़ा प्रमाण है।

2025 में, दिव्य ने यूरोप की बेहद प्रतिस्पर्धी GB3 चैंपियनशिप में कदम रखा, जहाँ वे जानी-मानी टीम JHR Developments के साथ रेस कर रहे हैं। उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि जुनून, मेहनत और समर्पण से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

इस साल गोवा में आयोजित होने वाली इंडियन रेसिंग लीग में दिव्य नंदन को चुना गया है। वे साउथ स्टार नागा चैतन्य की टीम हैदराबाद ब्लैक बर्ड्स के लिए रेस करेंगे। यह उनके करियर में एक अहम मोड़ है और उनके कौशल को उच्च स्तर पर पहचान मिली है।

दिव्य का अगला लक्ष्य यूरोप की Euroformula Open Championship है, जहाँ वे एक मजबूत दावेदार के रूप में नजर आएंगे। उनका अंतिम लक्ष्य फ़ॉर्मूला 1 में भारत का प्रतिनिधित्व करना और भारत के पहले फ़ॉर्मूला 1 चैंपियन बनना है।
तेज़ रफ़्तार, जुनून और दृढ़ निश्चय के साथ दिव्य नंदन हर भारतीय रेसिंग प्रेमी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि भारतीय प्रतिभा वैश्विक स्तर पर कोई भी मुकाम हासिल कर सकती है।












