भारत अपनी हवाई शक्ति को बेहद मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए एक नई योजना बनाई है, जिसमें 150 राफेल, 60 सुखोई-57, 10 S-400 वायु रक्षा प्रणालियां, 210 तेजस Mk-1A और Mk-2, और 40 AMCA (अडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) विमानों का निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।
बता दें, भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और चीन से उत्पन्न होने वाले खतरों को देखते हुए, यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। राफेल और सुखोई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान वायुसेना की क्षमताओं को कई गुना बढ़ा सकते हैं। वहीं, S-400 वायु रक्षा प्रणाली भी भारत को संभावित हवाई हमलों से बचाने में मदद करेगा।
बता दें, तेजस Mk-1A और Mk-2 के उत्पादन के साथ भारत अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को भी बढ़ा रहा है, जो सैन्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगे। AMCA की योजना भी भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने में मदद करेगी, जिससे भविष्य में वायुसेना की ताकत में और वृद्धि होगी।
वहीं, यह योजना न केवल भारत की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि इसे वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।



