भारत और फ्रांस एक बड़े राफेल लड़ाकू विमान सौदे की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय वायुसेना की विमान संख्या में कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राफेल विमानों के आदेश की संभावना जताई जा रही है। यह प्रस्ताव फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अगले महीने भारत दौरे से पहले जोर पकड़ सकता है।
इस सौदे से भारतीय वायुसेना की ताकत को और बढ़ावा मिलेगा, जिससे सीमा पर बढ़ते सुरक्षा खतरों से निपटने में मदद मिलेगी। राफेल विमानों की तैनाती भारतीय रक्षा की मजबूती को और प्रभावी बनाएगी, खासकर जब सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ रही हैं।



