भारतीय सेना अपनी आर्टिलरी की क्षमता को और बढ़ाने के लिए 300 देसी धनुष हॉवित्जर खरीदने का ऑर्डर देने जा रही है। इन हॉवित्जर का उपयोग सेना में देसी आर्टिलरी गन की 15 रेजिमेंट बनाने के लिए किया जाएगा।

बता दें, यह धनुष आर्टिलरी के लिए दूसरा बड़ा ऑर्डर होगा, जिन्हें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां बोफोर्स गन की 1980 के दशक में हासिल की गई तकनीक के आधार पर बनाती हैं। भारतीय सेना जल्द ही इस ऑर्डर को मंजूरी देने के लिए रक्षा मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित करेगी, जिसमें इसे हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

यह 155 mm 45-कैलिबर गन पहले ही सेना में शामिल हो चुकी है, और कुछ साल पहले 114 गनों का भी ऑर्डर दिया गया था। अब तक लगभग चार रेजिमेंट धनुष गन सेना में शामिल हो चुकी हैं, और दो और रेजिमेंट के जल्द ही शामिल होने की उम्मीद है।

धनुष गन का डिज़ाइन 1980 के दशक में सेना में शामिल की गई बोफोर्स हॉवित्जर पर आधारित है। यह हॉवित्जर 155mm के एम्युनिशन को फायर करेगा और इसमें बाई-मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम (BMCS) लगाया जा सकता है, जिससे इसकी रेंज और बढ़ जाएगी।

इस आर्टिलरी गन ने जून 2018 में पोखरण में अपने सभी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे। अब इसे और भी बड़ी संख्या में सेना में शामिल किया जाएगा, जिससे भारतीय सेना की आर्टिलरी ताकत में और इज़ाफा होगा।

Kanpur में 250 करोड़ के बड़े Cyber Syndicate का भंडाफोड़ 1.5 करोड़ की धनराशि पुलिस ने की फ्रीज़

शेयर करना
Exit mobile version