बेंगलुरु। केआर पुरम के सीगेहल्ली स्थित साई ग्रीन अपार्टमेंट में हुए ट्रिपल मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह सामने आया है कि आरोपी श्वेता और उसके प्रेमी केनेथ ने मूल रूप से केवल अपनी मां मुथुलक्ष्मी की हत्या की साजिश रची थी। योजना के मुताबिक शव को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने से पहले ही पिता और छोटी बहन अचानक फ्लैट पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया।
कैसे हुआ तिहरा हत्याकांड?
सोमवार को धमनिका लेआउट स्थित अपार्टमेंट से 48 वर्षीय मुथुलक्ष्मी और उनकी छोटी बेटी 19 वर्षीय सुप्रिया के शव बरामद हुए थे, जिन पर चाकू के कई गहरे निशान थे। परिवार का मुखिया 52 वर्षीय सोमसुंदर हमले के दौरान किसी तरह अपार्टमेंट से बाहर भागने में सफल रहा, लेकिन चंद मिनटों बाद ही कॉम्प्लेक्स के मेन गेट के पास चोटों की वजह से उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मरने से पहले सोमसुंदर ने वहां मौजूद लोगों को बताया था कि केनेथ ने ही उस पर हमला किया है।
पुलिस को क्यों नहीं हुआ श्वेता के दावे पर यकीन?
गिरफ्तार आरोपी श्वेता ने पुलिस के सामने दावा किया कि इन हत्याओं में अकेले उसका ही हाथ है और केनेथ ने सिर्फ अपार्टमेंट की सफाई करने और सबूत मिटाने में उसकी मदद की थी। लेकिन तीनों शवों पर चाकू के करीब 30 निशान मिलने के बाद पुलिस को इस दावे पर यकीन नहीं हो रहा कि इतनी बेरहमी से की गई यह वारदात किसी एक शख्स का काम हो सकती है। सोमसुंदर के मरने से पहले दिए बयान ने भी पुलिस के शक को और पुख्ता कर दिया है।
सूटकेस और दूसरे फ्लैट की कहानी
पुलिस जांच में पता चला कि श्वेता के साथ नए फ्लैट में रहने के बावजूद केनेथ ने एचएएल के पास गुरुराज लेआउट में अपना पुराना एक बेडरूम का अपार्टमेंट बरकरार रखा था। अधिकारियों को शक है कि यह फ्लैट मुथुलक्ष्मी की लाश को ठिकाने लगाने से पहले कुछ देर रखने की मंशा से रखा गया होगा। हत्या के बाद दोनों को सीसीटीवी में एचएएल अपार्टमेंट की ओर सूटकेस जैसे सामान के साथ जाते देखा गया। इसके अलावा, जिस फ्लैट में यह वारदात हुई, उसके अंदर फोरेंसिक जांच को बाधित करने के लिए गर्म पानी में मिर्च पाउडर छिड़का गया था।
डोड्डानेक्कुंडी स्थित तीसरे घर से क्या मिला?
आगे की तफ्तीश में पुलिस केनेथ के डोड्डानेक्कुंडी स्थित तीसरे ठिकाने पर पहुंची, जो मर्डर स्थल से लगभग 10-12 किलोमीटर दूर है। वहां से एक प्लास्टिक ड्रम, एक कटर और एक हथौड़ा बरामद हुआ। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या ये सारा सामान शव को ले जाने, छिपाने या ठिकाने लगाने की किसी बड़ी योजना का हिस्सा था।
क्या थी हत्या की असली वजह?
पुलिस के अनुसार, श्वेता और केनेथ पर करीब 30 लाख रुपये का कर्ज था और संपत्ति में हिस्से को लेकर अक्सर परिवार से झगड़ा होता था। आशंका जताई जा रही है कि जब माता-पिता ने अपने दोनों बच्चों के बीच संपत्ति बांटने से इनकार कर दिया, तब इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया गया।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
श्वेता को बुधवार को 47वीं एसीएमएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। वहीं, फरार आरोपी केनेथ की तलाश के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में छह विशेष टीमें गठित कर तैनात की गई हैं।













