Bulandshahr: उत्तर-प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक बड़े भूमि घोटाले के कारोबार का उजागर हुआ हैं। शहर में भूमाफियाओं और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी जमीनों पर कब्जे के बड़े कारोबार का पर्दाफाश हुआ हैं।

बता दें, जनपद बुलंदशहर के अनूपशहर की नगर पंचायत औरंगाबाद और नगर पालिका अनूपशहर में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां राजस्व अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं।

बता दें, उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव, प्रेम प्रकाश सिंह ने दिनांक 29 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी, बुलंदशहर को एक कड़ा पत्र जारी किया है। शासन ने प्रकरण की जांच के लिए तत्काल एक संयुक्त जांच टीम गठित कर अविलम्ब जांच आख्या और संस्तुति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

भ्रष्टाचार पर समिति की बैठक

बता दें, इस प्रकरण में इससे पहले 9 अप्रैल 2026 को भी विधानसभा सचिवालय द्वारा अर्द्धशासकीय पत्र सं0-259/1229/या स० / 2025) भेजा गया था। इससे पूर्व 24 मार्च 2026 को हुई उ०प्र० विधान सभा की मा० याचिका समिति की बैठक में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई थी।

वहीं, बैठक में समिति के अध्यक्ष ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पूछा कि जब जमीन आवास विकास या प्राधिकरण से संबंधित है और अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, तो वहां नोटिस कैसे दे दिया गया।

अधिकारियों द्वारा जमीन को ‘कब्जा मुक्त’ बताने के दावों की भी पोल खुल गई। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों द्वारा पहले लोगों को नोटिस देकर हटाना और फिर से उनका कब्जा हो जाना यह साबित करता है कि जमीनें असल में कब्जा मुक्त नहीं हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अधिकारी खुद अपनी गलती नहीं मानेंगे, इसलिए एक कंबाइंड टीम बनाकर जांच कराई जाएगी।

अधिकारियों द्वारा जमीन को ‘कब्जा मुक्त’ घोषित करने के दावे पर भी सवाल उठाए गए। अध्यक्ष ने कहा कि अगर जमीन पर कब्जा हटाने के बाद भी पुनः कब्जा हो जाता है, तो यह साबित करता है कि जमीन वास्तव में कब्जा मुक्त नहीं है।

अब एक संयुक्त टीम के द्वारा मामले की जांच की जाएगी और अधिकारियों की भूमिका की गहनता से समीक्षा की जाएगी।

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