हमीरपुर- मौदहा के गुड़ा गांव में एक अनोखी शादी देखने को मिली, जहां दूल्हा बैलगाड़ियों से अपनी बारात लेकर ससुराल पहुंचा। यह घटना बुंदेलखंड की पुरानी परंपरा को जीवित करने वाली थी, जिसमें दूल्हा और उसके बाराती बैलगाड़ियों पर सवार होकर ढोल नगाड़ों की धुन के साथ शादी के समारोह में शामिल हुए। लगभग 200 बारातियों ने इस खास मौके पर दूल्हे मोहित द्विवेदी और उनकी दुल्हन मोहिनी का स्वागत किया।
बैलगाड़ियों पर सवार होकर बाराती गांव के गलियों से होते हुए शादी के स्थान तक पहुंचे। ढोल-नगाड़े की धुन में पूरे माहौल में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा। इस पारंपरिक आयोजन में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शादी को खास बनाने के लिए अपनी ओर से योगदान दिया।
यह शादी न केवल एक आनंदित अवसर था, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करने का एक अनूठा प्रयास था। बारातियों का स्वागत और उत्साह इस दिन को यादगार बना गए।



