बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। इस बीच बिहार के मंत्री विजय चौधरी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी पहले भी सीएम हाउस आते रहे हैं और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, इसलिए स्वाभाविक रूप से बातचीत होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं हो रही है, और कुछ दिनों का इंतजार किया जाए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे पर मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जल्द ही इस मामले में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। विजय चौधरी ने बीजेपी की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “सीएम के नाम पर मुहर बीजेपी की अनुशंसा के बाद लगेगी। बीजेपी के अनुशंसा पर एनडीए विधायक दल में नेता चुना जाएगा, और वही मुख्यमंत्री बनेगा।” इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री का चयन बीजेपी की अहम भूमिका के आधार पर होगा।
इससे पहले, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इससे पहले 11 अप्रैल को सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, और मीडिया में इस मुलाकात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद, सम्राट चौधरी ने उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार का बिहार में सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक योगदान है। उनका अनुभव और दृष्टि राष्ट्रीय नीतियों को नई दिशा देगा।” यह घटना बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, जिसमें मुख्यमंत्री के पद पर बदलाव की संभावना प्रबल हो रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि किसे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौपी जाती है।



