बिहार पुलिस की कमान पहली बार एक महिला अधिकारी के हाथों में सौंपी गई है। 1991 बैच की अनुभवी आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा ने बुधवार को बिहार के प्रभारी DGP का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली और झारखंड की पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की बहन प्रीता वर्मा ने पद संभालते ही पुलिस मुख्यालय में आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और कानून-व्यवस्था को लेकर अपना कड़ा एजेंडा साफ कर दिया। उनकी इस पहली बैठक में मुख्य रूप से चार बड़े मुद्दों पर फोकस किया गया, जिनमें सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई, महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा, गया के पितृपक्ष मेले की सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों पर कड़ी निगरानी शामिल है।
बता दें, प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने सभी रेंज के आईजी-डीआईजी और जिलों के एसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील मामलों और कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य में बढ़ते सूखे नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है, ताकि युवाओं और बच्चों को इसकी चपेट में आने से बचाया जा सके। इसके अलावा, महिलाओं और बाल सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों के आसपास पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में गया में चल रहे प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले को लेकर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों को सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ पर कड़ी नजर रखने तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि नियमित डीजीपी विनय कुमार के 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक अवकाश पर रहने के कारण प्रीता वर्मा को यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वह होमगार्ड और अग्निशमन सेवा की डीजी की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। तीन दशक से अधिक का लंबा प्रशासनिक अनुभव रखने वाली और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित प्रीता वर्मा की यह अस्थायी नियुक्ति भले ही कुछ हफ्तों के लिए हो, लेकिन उन्होंने कार्यभार संभालते ही अपनी सख्त कार्यशैली से यह जता दिया है कि आगामी दिनों में बिहार पुलिस अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाने वाली है।













