बिजली कंपनियों द्वारा जून महीने में बिजली के बिल के साथ वसूले जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार शुल्क को लेकर मचे विरोध के बीच उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी धनराशि पर 6.50 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का निर्णय किया गया है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 300 करोड़ रुपये का ब्याज मिलने का अनुमान जताया गया है।
बिल में नहीं दिखा ब्याज, तो जुलाई में मिलेगा फायदा
विभागीय जानकारी के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के जून महीने में अदा किए जाने वाले बिजली बिल में इस ब्याज की धनराशि का समायोजन नहीं हो सकेगा, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को जुलाई महीने के बिल में इसका सीधा फायदा ट्रांसफर कर दिया जाएगा। बिजली कंपनियों के बिलिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से इस ब्याज राशि का समायोजन ऑटोमैटिक तरीके से किया जा रहा है।
उपभोक्ता पा सकते हैं अपना वैधानिक अधिकार
दरअसल, विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47 और विद्युत वितरण संहिता-2005 की धारा 4.20 के तहत हर उपभोक्ता को अपनी जमा सिक्योरिटी धनराशि पर हर साल 1 अप्रैल को लागू बैंक दर से ब्याज पाने का कानूनी अधिकार है। 1 अप्रैल 2025 को बैंक ब्याज दर 6.50 प्रतिशत थी, जिसके आधार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 की औसत जमा सिक्योरिटी (लगभग 4,616 करोड़ रुपये) पर यह ब्याज तैयार किया गया है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का मिलान अच्छी तरह से कर लें। यदि किसी भी उपभोक्ता को सिक्योरिटी राशि पर मिलने वाले इस ब्याज का लाभ नहीं दिख रहा है, तो वे तुरंत संबंधित विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर इसे अपने संज्ञान में लाएं।













