Chandigarh: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा में शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाने को लेकर नायब सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के स्कूलों में वैसे ही अध्यापकों और अन्य स्टाफ की भारी कमी चल रही है। ऐसे अध्यापकों और स्टाफ को जनगणना के काम में लगाकर सरकार छात्रों की पढ़ाई को बाधित करने का काम कर रही है। हैरानी की बात तो यह है कि अधिकतर स्कूलों में स्कूल के सारे शिक्षकों और स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है ऐसे में छात्रों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। यानि सीधे तौर पर छात्रों को जबरन और बेवजह छुट्टी पर भेजने के लिए विवश किया जा रहा है।

अनुराग ढांडा ने बताया कि प्रदेश में एक तरफ अध्यापकों के पद बड़ी संख्या में खाली है और ऐसे में अधिकतर अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना में लगाकर सीएम नायब सिंह ने साबित कर दिया है कि भाजपा का छात्रों की शिक्षा से कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि नायब सरकार ने प्रदेश के कई स्कूलों से सभी अध्यापकों की ड्यूटी ही जनगणना में लगा दी है और कई स्कूलों में तो एक ही शिक्षक होने के बावजूद भी स्कूल के इकलौते अध्यापक पर भेजने का आदेश दे दिया है। नए सत्र की शुरुआत हो चुकी है और दाखिला प्रक्रिया भी जारी है। ऐसे में सवाल खड़ा कि स्कूलों में बच्चों को कौन संभालेगा? उनकी पढ़ाई और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी होगी?

अम्बाला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर 6, पाठशाला नंबर 3, मोतीनगर स्थित स्कूल, करसौंडा और करधान स्कूल में 3-5 अध्यापक ही उपलब्ध हैं और सभी अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना प्रक्रिया में लगा दी गई है। इतना ही नहीं, प्राथमिक पाठशाला बड़ागढ़ के इकलौते अध्यापक को भी सरकार ने नहीं बक्शा, उनको भी प्रशिक्षण में भेजने के आदेश मिल गए हैं। और यही हाल प्रदेश में सभी 22 ज़िलों में है। सीएम नायब सिंह ने ऐसा फरमान जारी करके एक तरफ़ छात्रों को शिक्षा से वंचित रखने का काम किया है और साथ ही अध्यापकों के मनोबल और आत्मसम्मान को ठेस भी पहुंचाई है।

अनुराग ढांडा ने आंकड़ों के साथ सीएम नायब सिंह को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में अध्यापकों और गैर शिक्षण स्टाफ की भारी कमी है। वर्तमान में शिक्षकों के 15 हजार 451 पद रिक्त हैं। इनमें स्नातकोत्तर शिक्षकों (पीजीटी) के 3998, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और मौलिक स्कूल हेडमास्टर (ईएसएचएम) के 7707 और प्राथमिक शिक्षकों (पीआरटी) तथा प्रधान शिक्षक के 3746 पद शामिल हैं। नूंह में शिक्षकों के सबसे अधिक 4954 पद रिक्त हैं, जबकि इसके बाद यमुनानगर में 1721, पलवल में 1,595, गुरुग्राम में 1,130 और फरीदाबाद में 934 पद खाली हैं। इसी तरह अंबाला में 925, सिरसा में 914, सोनीपत में 551 और रोहतक में 314 शिक्षकों की कमी है। हरियाणा के 298 सरकारी स्कूलों में कोई नियमित अध्यापक नहीं है। इसके अलावा 1051 स्कूलों में सिर्फ एक नियमित शिक्षक है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा अध्यापकों को जनगणना जैसे कार्यों के लिए भेजना हैरान कर देने वाली बात है।

अनुराग ढांडाने कहा कि नायब सरकार शिक्षा को लेकर कितनी संवेदनशील है यह इस बात से पता चल जाता है कि प्रदेश के स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है लेकिन छात्रों को शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों को निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाने वाली किताबें अब तक उपलब्ध नहीं करवाई गईं है। अध्यापक छात्रों को स्कूल में पुराना सिलेबस पढ़ाने को मजबूर हैं। यमुनानगर, जींद सहित प्रदेश के सभी जिलों में बाल वाटिका से लेकर नौवीं कक्षा की किताबें भी नहीं पहुंची हैं।

अनुराग ढांडा ने सीएम नायब सिंह पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ हरियाणा के छात्रों को अध्यापक उपलब्ध करने में भाजपा सरकार असफल साबित हो गई है और दूसरी तरफ छात्रों के लिए उपलब्ध कुछेक अध्यापकों को भी आपने जनगणना ड्यूटी पर लगा दिया। इससे साबित होता है कि भाजपा को पढ़े लिखे लोगों और उनको दी जाने वाली शिक्षा से भी दिक्कत है। भाजपा हरियाणा को सिर्फ गैंगस्टर्स, नशाखोरी और अपराध में डूबा हुआ देखना चाहती है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि अध्यापकों की ड्यूटी छात्रों को छोड़कर जनगणना में लगवाना प्रशासनिक दृष्टि से भी अनुचित है और सेवा नियमों का उल्लंघन करता है। इससे अध्यापकों के मनोबल और आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। सरकार को चाहिए कि इस काम के लिए सम्बंधित विभाग के लोगों की ड्यूटी लगाए और ज़रुरत पड़े तो नई भर्तियां करे और अध्यापकों और छात्रों के अधिकारों से खिलवाड़ करना बंद करे।

अनुराग ढांडा ने सीएम नायब सिंह को चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा और छात्रों के साथ खिलवाड़ बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार जल्दी से जल्दी जनगणना पर अध्यापकों को भेजने के आर्डर को तुरंत कैंसिल करे ताकि शिक्षक वही काम करे जिसके लिए वे भर्ती किये गए हैं और छात्रों की पढ़ाई भी बाधित न हो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो प्रदेश के सभी शिक्षकों और छात्रों के अभिभावकों को साथ लेकर आम आदमी पार्टी बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होगी।

'बीजेपी के लोग इतने घबराएँ हैं कि अब वो...' Kannauj से Akhilesh Yadav का बीजेपी पर सीधा तंज!

शेयर करना
Exit mobile version