डेस्क : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ चुका है। इस संवेदनशील विषय पर सुनवाई करते हुए देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत बड़ी और अहम टिप्पणी की है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस के पास असाधारण परिस्थितियों में पैलेट गन का इस्तेमाल करने का अधिकार है।
याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मैटेलिक पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत का मानना है कि जब देश या किसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकाबू हो जाती है, तो उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को कुछ कड़े और व्यावहारिक कदम उठाने की छूट मिलनी आवश्यक होती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में पूरी तरह प्रतिबंध लगाना प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज को प्रभावित कर सकता है।
CJP प्रदर्शन और सुरक्षा बलों का एक्शन
गौरतलब है कि CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में पैलेट गन के प्रयोग पर मानवाधिकार संगठनों और याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि इसके इस्तेमाल से लोगों को गंभीर चोटें आती हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की इस ताजा टिप्पणी के बाद यह साफ हो गया है कि असाधारण हालातों में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए सुरक्षाबलों के पास यह कानूनी अधिकार सुरक्षित है। इस कानूनी फैसले के बाद देश भर में सुरक्षा और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।



