जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को पुलवामा में आयोजित जनसभा में अमेरिका-ईरान वार्ता को विफल बताए जाने के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी असफलता का संकेत नहीं, बल्कि एक लंबी और जटिल प्रक्रिया की शुरुआत है। मुफ्ती ने उम्मीद जताई कि बातचीत से आगे चलकर सकारात्मक नतीजे निकलेंगे।

ईरान की मजबूती की तारीफ, कहा—कुर्बानियों से मिली उपलब्धियां

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ईरान ने दशकों के संघर्ष और कुर्बानियों के बाद अपनी उपलब्धियां हासिल की हैं और वह किसी दबाव में इन्हें छोड़ने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया को धैर्य रखना चाहिए और वार्ता के परिणाम का इंतजार करना चाहिए।

बिना नाम लिए इजराइल पर साधा निशाना

अपने संबोधन में मुफ्ती ने बिना नाम लिए इजराइल पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ ताकतें नहीं चाहतीं कि यह वार्ता सफल हो। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहती है कि बातचीत सफल हो, ताकि वैश्विक व्यापार सामान्य हो सके और बढ़ती तेल कीमतों पर भी नियंत्रण पाया जा सके।

उमर अब्दुल्ला पर भी साधा निशाना

मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ने उन्हें बड़े जनादेश के साथ चुना है, लेकिन उन्होंने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने में देरी की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों पर समय रहते प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।

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