बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से स्वास्थ्य जगत और मानवता से जुड़ी एक बेहद सुखद और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बाल हृदय योजना’ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मासूमों के लिए सचमुच जीवनदायिनी साबित हो रही है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इस योजना के माध्यम से जिले के 94 ऐसे बच्चों के दिलों के छेद का सफल ऑपरेशन कराया गया है, जिनके परिवारों के लिए महंगे अस्पतालों में इलाज कराना नामुमकिन सा था। अब ये सभी मासूम पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन की ओर लौट चुके हैं और उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान खिल उठी है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अप्रैल 2021 से मार्च 2026 तक कुल 14 लाख 2 हजार 327 बच्चों की स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) की गई। इस व्यापक अभियान के दौरान 29,223 बच्चों में विभिन्न प्रकार की जन्मजात विकृतियां पाई गईं, जिनमें से 172 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (हार्ट डिफेक्ट) की पहचान हुई। इन सभी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए आईजीआईएमएस पटना, आईजीआईसी और मेदांता जैसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में भेजा गया, जहां विशेषज्ञों की देखरेख में जांच के बाद 132 बच्चों को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया। इनमें से अब तक 94 बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है, जिससे उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

आरबीएसके के जिला समन्वयक रंजन मिश्रा और उनकी पूरी टीम के लगातार प्रयासों से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी या गरीबी के कारण कोई भी बच्चा समय पर इलाज से वंचित न रहे। इस योजना के तहत बच्चों की जांच, दवाइयां और यहां तक कि बड़ी सर्जरी का पूरा खर्च सरकार द्वारा निःशुल्क उठाया जाता है।

इस योजना की सफलता की बानगी स्थानीय निवासी रामायण साह की पोती की कहानी से मिलती है, जिसे सांस लेने और चलने-फिरने में भारी परेशानी थी। स्कूल में आरबीएसके टीम द्वारा जांच के बाद बच्ची के दिल में छेद होने की बात सामने आई। जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से बच्ची को न केवल पटना भेजा गया, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर हवाई मार्ग से अहमदाबाद भेजकर उसकी सफल हृदय सर्जरी कराई गई। आज वह बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। पश्चिम चंपारण के जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है।

भाजपा प्रवक्ता से जानिए- कैसे हारे बांकीपुर और दतिया सीट, इनको बताया जिम्मेदार !

शेयर करना
Exit mobile version