पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू ऊर्जा बाजार को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को केंद्र सरकार ने Essential Commodities Act (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लागू करते हुए देश में एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सरकार ने रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी (LPG) का उत्पादन अधिकतम करें और आवश्यक हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को एलपीजी पूल में डायवर्ट करें ताकि देशभर में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।

घरों और वाहनों के लिए 100% गैस आपूर्ति

सरकार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार घरेलू पाइप्ड गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित की गई है। यानी इन दोनों सेक्टरों को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जाएगी।

अन्य सेक्टरों पर लागू होगा सप्लाई कैप

वहीं अन्य सेक्टरों के लिए गैस आपूर्ति को सीमित किया गया है। नए नियमों के तहत चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और प्राकृतिक गैस ग्रिड से जुड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत खपत का केवल 80 प्रतिशत गैस मिलेगा।

इसी तरह औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए भी गैस आपूर्ति 80 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है।

उर्वरक संयंत्रों को मिलेगा 70% गैस

सरकार ने संसाधनों के संतुलन के लिए उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का 70 प्रतिशत गैस आवंटित किया है। इसके लिए रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स से प्राकृतिक गैस आपूर्ति में लगभग 35 प्रतिशत की कटौती की गई है।

होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता बनी चुनौती

भारत अपनी लगभग 30 प्रतिशत प्राकृतिक गैस आपूर्ति Strait of Hormuz के जरिए प्राप्त करता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस मार्ग से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि इस कमी को पूरा करने के लिए भारत वैकल्पिक व्यापार मार्गों के जरिए प्राकृतिक गैस खरीद रहा है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।

रेस्टोरेंट और अन्य सेक्टरों के लिए बनेगी समिति

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि रेस्टोरेंट, ऑटोमोबाइल और अन्य सेक्टरों की गैस जरूरतों का आकलन करने के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति उनकी आवश्यकताओं की समीक्षा कर उन्हें सीमित मात्रा में गैस उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।

ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए नया नियम

सरकार ने गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू किया है। यानी एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगली बुकिंग कम से कम 25 दिन बाद ही की जा सकेगी।

सरकार का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और रसोई गैस की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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