अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने पर्यूषण महापर्व की शुरुआत से ठीक पहले गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित पवित्र और ऐतिहासिक महुडी जैन मंदिर का दौरा किया। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अदाणी, उनके बड़े बेटे करण अदाणी और बहू परिधि भी मौजूद थीं। परिवार ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और महुडी के आराध्य देव तथा जैन धर्म के रक्षक माने जाने वाले श्री घंटाकर्ण महावीर का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जैन समुदाय आगामी पर्यूषण महापर्व की तैयारियों में जुटा हुआ है।

महुडी, जिसे प्राचीन काल में ‘मधुपुरी’ के नाम से भी जाना जाता था, श्वेतांबर जैन धर्म का एक बेहद प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित तीर्थस्थल है। यहाँ भगवान महावीर समेत सभी 24 जैन तीर्थंकरों को समर्पित मंदिर हैं। गौतम अदाणी के लिए यह धार्मिक यात्रा केवल एक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह उनकी पुरानी और गहरी सोच “सेवा ही साधना है” (निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्ची पूजा है) के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से वे लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे सामाजिक कल्याण के कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देते आए हैं।

यह दौरा अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) द्वारा गौतम अदाणी और उनके सहयोगियों से जुड़े मामले को खारिज किए जाने के कुछ ही समय बाद हुआ है। कानूनी मोर्चे पर राहत मिलने के बाद अदाणी परिवार का यह पहला बड़ा सार्वजनिक और धार्मिक दौरा है। जैन परंपरा में पर्यूषण महापर्व को आत्मनिरीक्षण, उपवास, प्रार्थना और आत्म-अनुशासन का सबसे पवित्र काल माना जाता है, जो संवत्सरी यानी क्षमा पर्व के साथ संपन्न होता है। इस दौरान सभी लोग अपने पिछले गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से क्षमा मांगते हैं।
इससे पहले इस साल की शुरुआत में भी अदाणी दंपत्ति ने उत्तरी गुजरात के प्रसिद्ध तरंगा हिल्स स्थित श्री अजितनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर का दौरा किया था, जहाँ उन्होंने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर प्रार्थना की थी। महुडी जैन मंदिर में परिवार का यह एक साथ आना विश्वास, विनम्रता, करुणा और आंतरिक शांति का प्रतीक है। इस यात्रा के जरिए अदाणी परिवार ने न केवल अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था को मजबूती दी है, बल्कि संकट के समय में आध्यात्मिकता के प्रति अपने अटूट विश्वास को भी एक बार फिर उजागर किया है।














